सोमवार, 19 जुलाई 2010

इश्क की शमा दिल में हर पल जलती है,
हँसते मुस्कुराते ग़मों पर भी ये जिंदगी चलती है
और कभी अभिनीत से जीवन को वास्तविकता में जी लूँ
ये अरमान लिए कुछ तमन्नाएं मचलती हैं !

1 टिप्पणी:

Gurukant Krishna ने कहा…

vivek u r going well ....
keep going on...